आरूढं च सुवेलं तरु-मालाऽऽबन्ध-हारि-गिरि-वर-जालम् । रावण-चित्त-भयङ्कर- मापिङ्गल-लोल-केसरं राम-बलम् ॥
Metre: आर्यागीति
लङ्काऽऽलय-तुमुलाऽऽरव- सुभर-गभीरोरु-कुञ्ज-कन्दर-विवरम् । वीणा-रव-रस-सङ्गम- सुर-गण-संकुल-महा-तमाल-च्छायम् ॥
Metre: आर्यागीति
स-रस-बहु-पल्लवाऽऽविल- केसर-हिन्ताल-बद्ध-बहल-च्छायम् ।ऐरावण-मद-परिमल- गन्धवहाऽऽबद्ध-दन्ति-संरम्भ-रसम् ॥
Metre: आर्यागीति
तुङ्ग-तरु-च्छाया-रुह- कोमल-हरि-हारि-लोल-पल्लव-जालम् । हरिण-भयंकर-स-कुसुम- दाव-सम-च्छवि-विलोल-दाडिम-कुञ्जम् ॥
Metre: आर्यागीति
कल-हरि-कण्ठ-विरावं सलिल-महा-बन्ध-संकुल-महा-सालम् । चल-किसलय-संबद्धं मणि-जालं सलिल-कण-मयं-विवहन्तम् ॥
Metre: आर्यागीति
तुङ्ग-मणि-किरण-जालं गिरि-जल-संघट्ट-बद्ध-गम्भीर-रवम् । चारु-गुहा-विवर-सभं सुर-पुर-समममर-चारण-सुसंरावम् ॥
Metre: आर्यागीति
विमल-महा-मणि-टङ्कं सिन्दूर-कलङ्क-पिञ्जर-सहा-भित्तिम् । वीर-हरि-दन्ति-सङ्गम- भय-रुद्ध-विभावरी-विहार-समीहम् ॥
Metre: आर्यागीति
स-महा-फणि-भीम-बिलं भूरि-विहङ्गम-तुमुलोरु-घोर-विरावम् । वारण-वराह-हरि-वर- गो-गण-सारङ्ग-संकुल-महा-सालम् ॥
Metre: उपजातिः
चल-किसलय-स-विलासं चारु-मही-कमल-रेणु-पिञ्जर-वसुधम् । स-कुसुम-केसर-बाणं लवङ्ग-तरु-तरुण-वल्लरी-वर-हासम् ॥
Metre: आर्यागीति
अ-मल-मणि-हेम-टङ्कं तुङ्ग-महा-भित्ति-रुद्ध-रुरु-पङ्क-गमम् ।अमराऽऽरूढ-परिसर मेरुमिवाऽऽविल-स-रस-मन्दार-तरुम् ॥
Metre: उपजातिः