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Currently viewing: Parva 9 -
Chapter 9.62
(73 verses)
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Sanskrit Text
तदिदं
समनुप्राप्तं
तव
वाक्यं
नृपात्मजे
।
एवं
विदित्वा
कल्याणि
मा
स्म
शोके
मनः
कृथाः
।
पाण्डवानां
विनाशाय
मा
ते
बुद्धिः
कदाचन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तद् | इदं | समनुप्राप्तं | तव | वाक्यं | नृप + आत्मजा
एवं | विदित्वा | कल्याणि | मा | स्म | शोके | मनः | कृथाः
पाण्डवानां | विनाशाय | मा | ते | बुद्धिः | कदाचन
एवं | विदित्वा | कल्याणि | मा | स्म | शोके | मनः | कृथाः
पाण्डवानां | विनाशाय | मा | ते | बुद्धिः | कदाचन