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Currently viewing: Parva 9 -
Chapter 9.59
(44 verses)
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Sanskrit Text
तवाद्य
पृथिवी
राजन्क्षेमा
निहतकण्टका
।
तां
प्रशाधि
महाराज
स्वधर्ममनुपालयन्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वद् + अद्य | पृथिवी | राजन् | क्षेमा | निहन् + कण्टक
तां | प्रशाधि | महत् + राज | स्वधर्मम् | अनुपालयन्
तां | प्रशाधि | महत् + राज | स्वधर्मम् | अनुपालयन्