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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.46
(48 verses)
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Sanskrit Text
योऽसौ
कृष्णामब्रवीद्दुष्टबुद्धिः;
कर्णः
सभायां
कुरुवीरमध्ये
।
किं
पाण्डवांस्त्वं
न
जहासि
कृष्णे;
सुदुर्बलान्पतितान्हीनसत्त्वान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यो | ऽसौ | कृष्णाम् | अब्रवीद् | दुष् + बुद्धि | कर्णः | सभायां | कुरु + वीर + मध्य
किं | पाण्डवांस् | त्वं | न | जहासि | कृष्णे | सु + दुर्बल | पतितान् | हा + सत्त्व
किं | पाण्डवांस् | त्वं | न | जहासि | कृष्णे | सु + दुर्बल | पतितान् | हा + सत्त्व