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Currently viewing: Parva 8 -
Chapter 8.46
(48 verses)
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Sanskrit Text
यः
पर्युपासीत्प्रदिशो
दिशश्च;
त्वां
सूतपुत्रः
समरे
परीप्सन्
।
दित्सुः
कर्णः
समरे
हस्तिपूगं;
स
हीदानीं
कङ्कपत्रैः
सुतीक्ष्णैः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यः | प्रदिशो | दिशश् | च | त्वां | सूतपुत्रः | समरे | परीप्सन्
दित्सुः | कर्णः | समरे | हस्तिन् + पूग | स | हि + इदानीम् | कङ्क + पत्त्र | सु + तीक्ष्ण
दित्सुः | कर्णः | समरे | हस्तिन् + पूग | स | हि + इदानीम् | कङ्क + पत्त्र | सु + तीक्ष्ण