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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.88
(59 verses)
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Sanskrit Text
द्रोणः
करिष्यते
यत्नं
सर्वथा
मम
वारणे
।
यत्तो
याहि
रणे
सूत
शृणु
चेदं
वचः
परम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
द्रोणः | करिष्यते | यत्नं | सर्वथा | मम | वारणे
यत्तो | याहि | रणे | सूत | शृणु | च + इदम् | वचः | परम्
यत्तो | याहि | रणे | सूत | शृणु | च + इदम् | वचः | परम्