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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.86
(50 verses)
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Sanskrit Text
यत्र
स्थास्यति
संग्रामे
पार्षतः
परवीरहा
।
न
द्रोणसैन्यं
बलवत्क्रामेत्तत्र
कथंचन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यत्र | स्थास्यति | संग्रामे | पार्षतः | पर + वीर + हन्
न | द्रोण + सैन्य | बलवत् | क्रामेत् | तत्र | कथंचन
न | द्रोण + सैन्य | बलवत् | क्रामेत् | तत्र | कथंचन