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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.67
(71 verses)
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Sanskrit Text
अथान्यद्धनुरादाय
स
राजा
क्रोधमूर्छितः
।
वासविं
नवभिर्बाणैर्बाह्वोरुरसि
चार्पयत्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अथ + अन्य | धनुर् | आदाय | हार्दिक्यः | क्रोध + मूर्छय्
वासविं | नवभिर् | बाणैर् | बाह्वोर् | उरसि | च + अर्पय्
वासविं | नवभिर् | बाणैर् | बाह्वोर् | उरसि | च + अर्पय्