Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.57
(81 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
ग्रहनक्षत्रसोमानां
सूर्याग्न्योश्च
समत्विषम्
।
अपश्यत
तदा
पार्थो
ज्वलन्तमिव
पर्वतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ग्रह + नक्षत्र + सोम | सूर्य + अग्नि + च | सम + त्विष्
अपश्यत | तदा | पार्थो | ज्वलन्तम् | इव | पर्वतम्
अपश्यत | तदा | पार्थो | ज्वलन्तम् | इव | पर्वतम्