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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.57
(81 verses)
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Sanskrit Text
उदीच्यां
दिशि
धर्मात्मा
सोऽपश्यच्छ्वेतपर्वतम्
।
कुबेरस्य
विहारे
च
नलिनीं
पद्मभूषिताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
उदीच्यां | दिशि | धर्म + आत्मन् | सो | पश् + श्वेतपर्वत
कुबेरस्य | विहारे | च | नलिनीं | पद्म + भूषय्
कुबेरस्य | विहारे | च | नलिनीं | पद्म + भूषय्