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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.44
(30 verses)
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Sanskrit Text
रथचर्यास्त्रमायाभिर्मोहयित्वा
परंतपः
।
बिभेद
शतधा
राजञ्शरीराणि
महीक्षिताम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
रथ + चर्या + अस्त्र + माया | मोहयित्वा | परंतपः
बिभेद | शतधा | राजञ् | शरीराणि | महीक्षिताम्
बिभेद | शतधा | राजञ् | शरीराणि | महीक्षिताम्