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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.25
(59 verses)
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Sanskrit Text
भृशं
ववौ
ज्वलनसखो
वियद्रजः;
समावृणोन्मुहुरपि
चैव
सैनिकान्
।
तमेकनागं
गणशो
यथा
गजाः;
समन्ततो
द्रुतमिव
मेनिरे
जनाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भृशं | ववौ | ज्वलन + सख | वियद् | रजः | समावृ + मुहुर् | अपि | च + एव | सैनिकान्
तम् | एक + नाग | गणशो | यथा | गजाः | समन्ततो | द्रुतम् | इव | मेनिरे | जनाः
तम् | एक + नाग | गणशो | यथा | गजाः | समन्ततो | द्रुतम् | इव | मेनिरे | जनाः