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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.25
(59 verses)
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Sanskrit Text
स
नागराजः
प्रवराङ्कुशाहतः;
पुरा
सपक्षोऽद्रिवरो
यथा
नृप
।
भयं
तथा
रिपुषु
समादधद्भृशं;
वणिग्गणानां
क्षुभितो
यथार्णवः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | नाग + राज | प्रवर + अङ्कुश + आहन् | पुरा | स + पक्ष | अद्रि + वर | यथा | नृप
भयं | तथा | रिपुषु | समादधद् | भृशं | वणिज् + गण | क्षुभितो | यथा + अर्णव
भयं | तथा | रिपुषु | समादधद् | भृशं | वणिज् + गण | क्षुभितो | यथा + अर्णव