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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.23
(19 verses)
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Sanskrit Text
दीर्घं
विप्रोषितः
कालमरण्ये
जटिलोऽजिनी
।
अज्ञातश्चैव
लोकस्य
विजहार
युधिष्ठिरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दीर्घं | विप्रोषितः | कालम् | अरण्ये | जटिलो | ऽजिनी
अज्ञात + च + एव | लोकस्य | विजहार | युधिष्ठिरः
अज्ञात + च + एव | लोकस्य | विजहार | युधिष्ठिरः