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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.172
(94 verses)
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Sanskrit Text
अक्षमालापरिक्षिप्तं
ज्योतिषां
परमं
निधिम्
।
ततो
नारायणो
दृष्ट्वा
ववन्दे
विश्वसंभवम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अक्ष + माला + परिक्षिप् | ज्योतिषां | परमं | निधिम्
ततो | नारायणो | दृष्ट्वा | ववन्दे | विश्व + सम्भव
ततो | नारायणो | दृष्ट्वा | ववन्दे | विश्व + सम्भव