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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.172
(94 verses)
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Sanskrit Text
अर्जुनस्तु
महाराज
ब्राह्ममस्त्रमुदैरयत्
।
सर्वास्त्रप्रतिघाताय
विहितं
पद्मयोनिना
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अर्जुन + तु | महत् + राज | ब्राह्मम् | अस्त्रम् | उदैरयत्
सर्व + अस्त्र + प्रतिघात | विहितं | पद्मयोनिना
सर्व + अस्त्र + प्रतिघात | विहितं | पद्मयोनिना