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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.164
(159 verses)
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Sanskrit Text
यदि
तेऽहं
प्रियो
राजञ्जहि
मां
मा
चिरं
कृथाः
।
त्वत्कृते
सुकृताँल्लोकान्गच्छेयं
भरतर्षभ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यदि | ते | ऽहं | प्रियो | राजञ् | जहि | मां | माचिरं | कृथाः
त्वद् + कृते | सु + कृ | लोकान् | गच्छेयं | भरत + ऋषभ
त्वद् + कृते | सु + कृ | लोकान् | गच्छेयं | भरत + ऋषभ