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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.164
(159 verses)
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Sanskrit Text
स्मरामि
तानि
सर्वाणि
बाल्ये
वृत्तानि
यानि
नौ
।
तानि
सर्वाणि
जीर्णानि
सांप्रतं
नौ
रणाजिरे
।
किमन्यत्क्रोधलोभाभ्यां
युध्यामि
त्वाद्य
सात्वत
॥
English Translation
Alas! all those deeds of boyhood that I recollect of both yourself and mine, become as nothing on the field of battle.
Padaccheda (Word Analysis)
स्मरामि | तानि | सर्वाणि | बाल्ये | वृत्तानि | यानि | नौ
तानि | सर्वाणि | जीर्णानि | सांप्रतं | नौ | रण + अजिर
किम् | अन्यत् | क्रोध + लोभ | युध्यामि | त्वद् + अद्य | सात्वत
तानि | सर्वाणि | जीर्णानि | सांप्रतं | नौ | रण + अजिर
किम् | अन्यत् | क्रोध + लोभ | युध्यामि | त्वद् + अद्य | सात्वत