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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.164
(159 verses)
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Sanskrit Text
सोऽचरद्विविधान्मार्गान्प्रकारानेकविंशतिम्
।
भ्रान्तमुद्भ्रान्तमाविद्धमाप्लुतं
प्रसृतं
सृतम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सो | ऽचरद् | विविध + मार्ग | प्रकारान् | एकविंशतिम्
भ्रान्तम् | उद्भ्रान्तम् | आविद्धम् | आप्लुतं | प्रसृतं | सृतम्
भ्रान्तम् | उद्भ्रान्तम् | आविद्धम् | आप्लुतं | प्रसृतं | सृतम्