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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.134
(81 verses)
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Sanskrit Text
अद्य
बाणमयं
वर्षं
सृजतो
मम
धन्विनः
।
जीमूतस्येव
घर्मान्ते
द्रक्ष्यन्ति
युधि
सैनिकाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अद्य | बाण + मय | वर्षं | सृजतो | मम | धन्विनः
जीमूत + इव | घर्म + अन्त | द्रक्ष्यन्ति | युधि | सैनिकाः
जीमूत + इव | घर्म + अन्त | द्रक्ष्यन्ति | युधि | सैनिकाः