Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.134
(81 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
सव्ये
भुजाग्रे
बलवान्नाराचेन
हसन्निव
।
तस्य
विद्धस्य
वेगेन
कराच्चापं
पपात
ह
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सव्ये | भुज + अग्र | बलवत् + नाराच | हसन्न् | इव
तस्य | विद्धस्य | वेगेन | कर + चाप | पपात | ह
तस्य | विद्धस्य | वेगेन | कर + चाप | पपात | ह