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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.13
(80 verses)
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Sanskrit Text
संपातेष्वभिपातेषु
निपातेष्वसिचर्मणोः
।
न
तयोरन्तरं
कश्चिद्ददर्श
नरसिंहयोः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
सम्पात + अभिपात | निपात + असि + चर्मन्
न | तयोर् | अन्तरं | कश्चिद् | ददर्श | नर + सिंह
न | तयोर् | अन्तरं | कश्चिद् | ददर्श | नर + सिंह