Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.13
(80 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
निर्दहन्तमनीकानि
साक्षादग्निमिवोत्थितम्
।
दृष्ट्वा
रुक्मरथं
युद्धे
समकम्पन्त
सृञ्जयाः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
निर्दहन्तम् | अनीकानि | साक्षाद् | अग्निम् | इव + उत्था
दृष्ट्वा | रुक्मरथं | युद्धे | समकम्पन्त | सृञ्जयाः
दृष्ट्वा | रुक्मरथं | युद्धे | समकम्पन्त | सृञ्जयाः