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Currently viewing: Parva 7 -
Chapter 7.13
(80 verses)
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Sanskrit Text
निहतान्प्राणिनः
संख्ये
द्रोणेन
बलिना
शरैः
।
वहन्तीं
पितृलोकाय
शतशो
राजसत्तम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
निहतान् | प्राणिनः | संख्ये | द्रोणेन | बलिना | शरैः
वहन्तीं | पितृ + लोक | शतशो | राजन् + सत्तम
वहन्तीं | पितृ + लोक | शतशो | राजन् + सत्तम