Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.93
(41 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
तमब्रवीन्महाराज
सूतपुत्रो
नराधिपम्
।
मा
शुचो
भरतश्रेष्ठ
प्रकरिष्ये
प्रियं
तव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तम् | ब्रू + महत् + राज | सूतपुत्रो | नराधिपम्
मुमोच | भरत + श्रेष्ठ | निशाचर + बल | प्रति
मुमोच | भरत + श्रेष्ठ | निशाचर + बल | प्रति