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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.93
(41 verses)
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Sanskrit Text
अनुजानीहि
समरे
कर्णमाहवशोभिनम्
।
स
जेष्यति
रणे
पार्थान्ससुहृद्गणबान्धवान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अनुजानीहि | समरे | कर्णम् | आहव + शोभिन्
मद् + एक | रणे | राजन् | स + सुहृद् + गण + बान्धव
मद् + एक | रणे | राजन् | स + सुहृद् + गण + बान्धव