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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.93
(41 verses)
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Sanskrit Text
त्वां
वयं
समुपाश्रित्य
संयुगे
शत्रुसूदन
।
उत्सहेम
रणे
जेतुं
सेन्द्रानपि
सुरासुरान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वां | वयं | समुपाश्रित्य | संयुगे | शत्रु + सूदन
न | शक्याः | पाण्डवा | जेतुं | स + इन्द्र | अपि | सुर + असुर
न | शक्याः | पाण्डवा | जेतुं | स + इन्द्र | अपि | सुर + असुर