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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.82
(56 verses)
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Sanskrit Text
ततः
प्रववृते
युद्धं
व्यतिषक्तरथद्विपम्
।
अपरां
दिशमास्थाय
स्थिते
सवितरि
प्रभो
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तेषां | सु + तुमुल | युद्धं | व्यतिषञ्ज् + रथ + द्विप
अपरां | दिशम् | आस्थाय | स्थिते | सवितरि | प्रभो
अपरां | दिशम् | आस्थाय | स्थिते | सवितरि | प्रभो