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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.81
(37 verses)
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Sanskrit Text
त्वया
न
चैनां
सफलां
करोषि;
देवव्रतं
यन्न
निहंसि
युद्धे
।
मिथ्याप्रतिज्ञो
भव
मा
नृवीर;
रक्षस्व
धर्मं
च
कुलं
यशश्च
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्वया | न | च + एनद् | स + फल | करोषि | देवव्रतं | यत् + न | निहंसि | युद्धे
मिथ्या + प्रतिज्ञा | भव | मा | नृ + वीर | रक्षस्व | धर्मं | च | कुलं | यशस् + च
मिथ्या + प्रतिज्ञा | भव | मा | नृ + वीर | रक्षस्व | धर्मं | च | कुलं | यशस् + च