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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.71
(36 verses)
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Sanskrit Text
एवमुक्तस्तु
पार्थेन
धृष्टद्युम्नो
महारथः
।
व्यादिदेश
महाराज
रथिनो
रथिनां
वरः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दुर्योधन + तु | संक्रुद्धो | धृष्टद्युम्नं | महत् + रण
ततः | शल्यो | महत् + राज | स्वस्रीयौ | रथिनां | वरौ
ततः | शल्यो | महत् + राज | स्वस्रीयौ | रथिनां | वरौ