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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.56
(28 verses)
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Sanskrit Text
तं
द्रोणदुर्योधनबाह्लिकाश्च;
तथैव
दुर्मर्षणचित्रसेनौ
।
जयद्रथश्चातिबलो
बलौघै;र्नृपास्तथान्येऽनुययुः
समन्तात्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
श्रुतायुर् | अम्बष्ठ + पति + च | राजा | तथा + एव | दुर्मर्षण + चित्रसेन
जयद्रथ + च + अतिबल | बल + ओघ | नृप + तथा + अन्य | ऽनुययुः | समन्तात्
जयद्रथ + च + अतिबल | बल + ओघ | नृप + तथा + अन्य | ऽनुययुः | समन्तात्