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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.48
(70 verses)
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Sanskrit Text
ततः
क्रुद्धो
महाराज
भीष्मः
प्रहरतां
वरः
।
वासुदेवं
त्रिभिर्बाणैराजघान
स्तनान्तरे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततः | क्रुद्धो | महत् + राज | भीष्मः | प्रहरतां | वरः
वासुदेवं | त्रिभिर् | बाणैर् | आजघान | स्तनान्तरे
वासुदेवं | त्रिभिर् | बाणैर् | आजघान | स्तनान्तरे