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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.46
(56 verses)
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Sanskrit Text
रणे
भीष्मं
तथा
द्रोणं
कृपं
शल्यं
जयद्रथम्
।
सर्वानद्य
रणे
दृप्तान्प्रतियोत्स्यामि
पार्थिव
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एष | भीष्मं | तथा | द्रोणं | गौतमं | शल्यम् | एव | च
सर्वान् | अद्य | रणे | दृप्तान् | प्रतियोत्स्यामि | पार्थिव
सर्वान् | अद्य | रणे | दृप्तान् | प्रतियोत्स्यामि | पार्थिव