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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.117
(34 verses)
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Sanskrit Text
न
चेच्छक्यमथोत्स्रष्टुं
वैरमेतत्सुदारुणम्
।
अनुजानामि
कर्ण
त्वां
युध्यस्व
स्वर्गकाम्यया
॥
Padaccheda (Word Analysis)
न | चेद् + शक्य | अथ + उत्सृज् | वैरम् | एतत् | सु + दारुण
अनुजानामि | कर्ण | त्वां | युध्यस्व | स्वर्ग + काम्या
अनुजानामि | कर्ण | त्वां | युध्यस्व | स्वर्ग + काम्या