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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.117
(34 verses)
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Sanskrit Text
दुरुक्तं
विप्रतीपं
वा
संरम्भाच्चापलात्तथा
।
यन्मयापकृतं
किंचित्तदनुक्षन्तुमर्हसि
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दुरुक्तं | विप्रतीपं | वा | संरम्भाच् | चापलात् | तथा
यन् | मद् + अपकृ | किंचित् | तद् | अनुक्षन्तुम् | अर्हसि
यन् | मद् + अपकृ | किंचित् | तद् | अनुक्षन्तुम् | अर्हसि