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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.117
(34 verses)
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Sanskrit Text
अवकीर्णस्त्वहं
कुन्त्या
सूतेन
च
विवर्धितः
।
भुक्त्वा
दुर्योधनैश्वर्यं
न
मिथ्या
कर्तुमुत्सहे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अवकीर्णस् | त्व् | अहं | कुन्त्या | सूतेन | च | विवर्धितः
भुक्त्वा | दुर्योधन + ऐश्वर्य | न | मिथ्या | कर्तुम् | उत्सहे
भुक्त्वा | दुर्योधन + ऐश्वर्य | न | मिथ्या | कर्तुम् | उत्सहे