Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.117
(34 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
जानामि
समरे
वीर्यं
शत्रुभिर्दुःसहं
तव
।
ब्रह्मण्यतां
च
शौर्यं
च
दाने
च
परमां
गतिम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
जानामि | समरे | वीर्यं | शत्रुभिर् | दुःसहं | तव
ब्रह्मण्य + ता | च | शौर्यं | च | दाने | च | परमां | गतिम्
ब्रह्मण्य + ता | च | शौर्यं | च | दाने | च | परमां | गतिम्