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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.116
(51 verses)
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Sanskrit Text
एवमुक्त्वा
शांतनवो
दीनवाक्सर्वपार्थिवान्
।
धनंजयं
महाबाहुमभ्यभाषत
भारत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवम् | उक्त्वा | शांतनवो | दीन + वाच् | सर्व + पार्थिव
धनंजयं | महत् + बाहु | अभ्यभाषत | भारत
धनंजयं | महत् + बाहु | अभ्यभाषत | भारत