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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.102
(78 verses)
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Sanskrit Text
एह्येहि
पुण्डरीकाक्ष
देवदेव
नमोऽस्तु
ते
।
मामद्य
सात्वतश्रेष्ठ
पातयस्व
महाहवे
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ए | पुण्डरीकाक्ष | देवदेव | नमो | ऽस्तु | ते
माम् | अद्य | सात्वत + श्रेष्ठ | पातयस्व | महत् + आहव
माम् | अद्य | सात्वत + श्रेष्ठ | पातयस्व | महत् + आहव