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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.102
(78 verses)
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Sanskrit Text
दृष्ट्वा
माधवमाक्रन्दे
भीष्मायोद्यन्तमाहवे
।
हतो
भीष्मो
हतो
भीष्म
इति
तत्र
स्म
सैनिकाः
।
क्रोशन्तः
प्राद्रवन्सर्वे
वासुदेवभयान्नराः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दृष्ट्वा | पार्थं | महत् + बाहु | भीष्म + उदि | आहवे
हतो | भीष्मो | हतो | भीष्म | इति | तत्र | स्म | सैनिकाः
क्रोशन्तः | प्राद्रवन् | सर्वे | वासुदेव + भय + नर
हतो | भीष्मो | हतो | भीष्म | इति | तत्र | स्म | सैनिकाः
क्रोशन्तः | प्राद्रवन् | सर्वे | वासुदेव + भय + नर