Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.102
(78 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
क्षणेन
स
रथस्तस्य
सहयः
सहसारथिः
।
शरवर्षेण
महता
न
प्राज्ञायत
किंचन
॥
Padaccheda (Word Analysis)
क्षणेन | स | रथ + तद् | स + हय | सह + सारथि
हेषतां | च + एव | शब्देन | न | प्राज्ञायत | किंचन
हेषतां | च + एव | शब्देन | न | प्राज्ञायत | किंचन