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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.101
(33 verses)
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Sanskrit Text
एवमुक्तस्तु
समरे
पुत्रो
दुःशासनस्तव
।
परिवार्य
स्थितो
भीष्मं
सैन्येन
महता
वृतः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
एवम् | वच् + तु | कर्णेन | पुत्रो | दुर्योधन + त्वद्
परिवार्य | रणे | भीष्मं | दंशिताः | समवस्थिताः
परिवार्य | रणे | भीष्मं | दंशिताः | समवस्थिताः