Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.101
(33 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
ततो
दुर्योधनो
दृष्ट्वा
दीनं
सैन्यमवस्थितम्
।
अब्रवीद्भरतश्रेष्ठ
मद्रराजमिदं
वचः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
ततो | दुर्योधनो | दृष्ट्वा | दीनं | सैन्यम् | अवस्थितम्
अब्रवीद् | भ्रातरं | तत्र | दुःशासनम् | इदं | वचः
अब्रवीद् | भ्रातरं | तत्र | दुःशासनम् | इदं | वचः