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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.101
(33 verses)
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Sanskrit Text
दृष्ट्वा
भीष्मं
रणे
क्रुद्धं
पाण्डवैरभिसंवृतम्
।
यथा
मेघैर्महाराज
तपान्ते
दिवि
भास्करम्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
दृष्ट्वा | भीष्मं | रणे | क्रुद्धं | पाण्डवैर् | अभिसंवृतम्
यथा | मेघैर् | महत् + राज | तपान्ते | दिवि | भास्करम्
यथा | मेघैर् | महत् + राज | तपान्ते | दिवि | भास्करम्