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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.100
(37 verses)
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Sanskrit Text
वार्ष्णेयस्तु
ततो
राजन्स्वां
शक्तिं
घोरदर्शनाम्
।
वेगवद्गृह्य
चिक्षेप
पितामहरथं
प्रति
॥
Padaccheda (Word Analysis)
वार्ष्णेय + तु | ततो | राजन् | स्वां | शक्तिं | घोर + दर्शन
वेगवद् | गृह्य | चिक्षेप | पितामह + रथ | प्रति
वेगवद् | गृह्य | चिक्षेप | पितामह + रथ | प्रति