Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.100
(37 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
अनासाद्य
तु
वार्ष्णेयं
शक्तिः
परमदारुणा
।
न्यपतद्धरणीपृष्ठे
महोल्केव
गतप्रभा
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अन् + आसादय् | तु | वार्ष्णेयं | शक्तिः | परम + दारुण
न्यपतद् | धरणी + पृष्ठ | महत् + उल्का + इव | गम् + प्रभा
न्यपतद् | धरणी + पृष्ठ | महत् + उल्का + इव | गम् + प्रभा