Navigate to Verse
Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.100
(37 verses)
Powered by Aksharamukha
Search Mahābhārata
❖ ❖ ❖
Sanskrit Text
स
विद्ध्वा
भारतं
षष्ट्या
निशितैर्लोमवाहिभिः
।
ननर्तेव
रथोपस्थे
विधुन्वानो
महद्धनुः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
स | विद्ध्वा | भारतं | षष्ट्या | निशितैर् | लोमवाहिभिः
नृत् + इव | रथोपस्थे | विधुन्वानो | महद् | धनुः
नृत् + इव | रथोपस्थे | विधुन्वानो | महद् | धनुः