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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.100
(37 verses)
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Sanskrit Text
हताश्वात्तु
रथात्तूर्णमवप्लुत्य
महारथः
।
आरुरोह
रथं
तूर्णं
दुर्मुखस्य
विशां
पते
॥
Padaccheda (Word Analysis)
हन् + अश्व | तु | रथात् | तूर्णम् | अवप्लुत्य | महत् + रथ
आरुरोह | रथं | तूर्णं | दुर्मुखस्य | विशां | पते
आरुरोह | रथं | तूर्णं | दुर्मुखस्य | विशां | पते