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Currently viewing: Parva 6 -
Chapter 6.100
(37 verses)
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Sanskrit Text
समागतौ
तौ
तु
रणे
महामात्रौ
व्यरोचताम्
।
यथा
दिवि
महाघोरौ
राजन्बुधशनैश्चरौ
॥
Padaccheda (Word Analysis)
समागतौ | तौ | तु | रणे | महामात्रौ | व्यरोचताम्
यथा | दिवि | महत् + घोर | राजन् | बुध + शनैश्चर
यथा | दिवि | महत् + घोर | राजन् | बुध + शनैश्चर