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Currently viewing: Parva 5 -
Chapter 5.88
(104 verses)
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Sanskrit Text
त्यक्त्वा
प्रियसुखे
पार्था
रुदन्तीमपहाय
माम्
।
अहार्षुश्च
वनं
यान्तः
समूलं
हृदयं
मम
॥
Padaccheda (Word Analysis)
त्यक्त्वा | प्रिय + सुख | पार्था | रुदन्तीम् | अपहाय | माम्
हृ + च | वनं | यान्तः | स + मूल | हृदयं | मम
हृ + च | वनं | यान्तः | स + मूल | हृदयं | मम